Sun. Dec 5th, 2021

दोस्तो किया आपने कभी ये सोचा कि वकील हमेशा काला कोट और सफेद शर्ट ही क्यू पहनते है , फिल्मी दुनिया हो या असल जिंदगी वकील को हम सभी ने हमेशा काला कोट और सफेत शर्ट मे ही देखा है , लेकिन वकील सिर्फ काले रंग का कोट और सफेद शर्ट ही क्यों पहनते है , लाल , नीला , या किसी और रंग का कोट क्यो नही , तो आइए हम आपको बताते है।

आपको बता दे की वकालत के शुरूवात 1326 मे एडवर्ड तृतीय ने की थी और उस समय ड्रेस कोड के आधार पर न्यायाधीशों की वेश भूषा तैयार की गई थी और उस समय मे जज अपने सर पर एक बाल वाला बिग पहनते थे और वकीलो को चार भागों मैं बाटा गया था और उस समय सुनहरे लाल पकड़े और भूरे रंग से तैयार गाउन पहना जाता था |

सन् 1600 मैं वकीलो की वेश भूषा मैं बदलाव आया और 1626 मे ये प्रस्ताव लाया गया कि काउंसिल को जनता के अनुरूप कपड़े पहनने चाइए इसके बाद वकीलों ने पूरी लंबाई वाले गाउन पहनने शुरू कर दिए , ऐसा माना जाता है कि उस समय की वेश भूषा जजों और वकीलो को अन्य लोगों से अलग करती थी सन् 1694 मैं क्वीन मैरी की एक बीमारी के कारण मृत्यु हो गई तब उसके पति राजा ने सभी जजों और वकीलो को सार्वजनिक रूप से शोक मानने के लिए काले गाउन पहनकर शोक मानने के लिए इक्ठा होने का आदेश दिया इस आदेश को कभी भी रद्द नही किया गया जिसके बाद से आज तक ये प्रथा चली आ रही है और वकील ये पहनावा पहनते आ रहे है, सदियां बीत गई और ये पहनावा वकीलो की पहचान बन गया जिसे आज तक नही बदला गया है ।

हमारे देश भारत में अधिनियम 1961 के तहत वकीलो को कोट मे काला कोट के साथ – साथ काली बेल्ट और टाई पहनकर आना अनिवार्य कर दिया गया था ।ये भी माना जाता हैं की ये ड्रेस कोड वकीलो मैं अनुशासन लाता है और न्याय के प्रति उनमें विश्वास जगाता है तथा समाज के अंदर एक समान जनक स्वरूप प्रदान करता है तो दोस्तो ये है वेकलो के काले कोट पहनने की वजह ।

By Admin

2 thoughts on “वकील काला कोट ही क्यों पहनते है ? 🤔”

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